कारगिल विजय दिवस 2022: हर साल 26 जुलाई को क्यों मनाते हैं विजय दिवस? जानें क्या है इसके पीछे का इतिहास

दोस्तों आज हम इस लेख के माध्यम से कारगिल विजय दिवस के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे| यह वो दिन था जब भारतीय सेना को पाकिस्तान के खिलाप कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त हुई थी| तो चलिए जानते है| की आखिर कारगिल विजय दिवस क्यों मनाया जाता है| और उस दिन क्या क्या हुआ था| इसके बारे में आपको पूरी जानकारी इस लेख में मिलेगी| और कारगिल विजय दिवस के बारे में सवसे अच्छी जानकारी प्राप्त करने के लिए कृपया हमारी इस लेख को पूरा जरूर पढ़े| 

कारगिल विजय दिवस
कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस

कारगिल विजय दिवस भारत के हर एक नागरिक के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस माना जाता है। और पूरे भारत में कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई को मनाया जाता है। और कारगिल का युद्ध भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच 1999 में हुआ था| और यह युद्ध करीव 60 दिनों तक चला था| और कारगिल के युद्ध का अंत 26 जुलाई के दिन हुआ था| और इस युद्ध में भारत विजय हुआ था| और कारगिल युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों के सम्मान के लिए| पूरे भारत में यह दिवस मनाया जाता है|

कारगिल युद्ध का इतिहास

कारगिल युद्ध का इतिहास
कारगिल युद्ध का इतिहास

1971 में हुए भारत और पाकिस्तान युद्ध के बाद भी कई दिन तक सैन्य संघर्ष होता रहा है| और सूत्रों के मुताबित भारत और पाकिस्तान के द्वारा परमाणु परीक्षण के कारण तनाव बढ़ गया था। और इस पूरी स्थिति को शांत करने के लिए भारत और पाकिस्तान ने फरवरी 1999 में लाहौर में एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए थे| और जिसमें कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय वार्ता के द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का दावा भी किया गया था| 

 इसके बाद पाकिस्तान ने अपने सैनिकों, अर्ध-सैनिक बलों को छिप छिप कर नियंत्रण रेखा के पार भेजा करता था| और इसी घुसपैठ का नाम (ऑपरेशन बद्र) रखा गया था। और इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर से लेकर लद्दाख के बीच की कड़ी को तोड़ना था| और इसके साथ साथ भारतीय सेना को सियाचिन ग्लेशियर से हटाना भी था। और पाकिस्तान पूरी तरह से यह भी मानता है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तनाव से कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने में अधिक ज्यादा मदद मिलेगी| 

और सुरु सुरु में इसको घुसपैठ माना गया था| और यह दावा भी किया गया था| कि इनको कुछ ही दिनों में बाहर कर दिया जाएगा| और इसके चलते नियंत्रण रेखा में खोज करने के बाद इन सभी घुसपैठियों के नियोजित रणनीति में अंतर का पता चल गया था| और इसके बाद भारतीय सेना को यह अहसास हुआ कि हमले की योजना बहुत ही बड़े पैमाने पर की जा रही है।

और इसके बाद भारत की सरकार ने ऑपरेशन विजय के नाम से करीव 2,00,000 सैनिकों को युद्ध के लिए भेजा। और यह युद्ध 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ था| और इस युद में भारत विजय हुआ था| और इस युद्ध के दौरान भारत के 550 सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था| और करीब 1400 घायल हुए थे| और इसी दिन को कारगिल विजय दिवस के नाम से मनाया जाता है| सलाम है उन वीर जवानो के लिए| 

Read Also: 

आशा करते है की हमारी दी गई जानकारी आपको पसंद आई होगी और आपको यह जानकारी केसी लगी आप हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताये और किसी भी अन्य प्रकार की जानकारी पाने के लिए बने रहिये| jankarinews.com के साथ| धन्यबाद 

Share this:

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top