लिवर खराब होने के लक्षण और लिवर डीटॉक्स करने के नुस्खे और उपाय

हमारे दिल दिमाग फेफड़े और किडनी की तरह हमारा लीवर भी शरीर में पाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। यह हमारे पेट में यानी कि के ऊपरी राइट वाले हिस्से में मौजूद होता है। लिवर मनुष्य के शरीर में पाया जाने वाला सबसे बड़ा ऑर्गन होता है। जिस तरह से घर में लगा वाटर प्यूरीफायर दूषित पानी में मौजूद सारी गंदगी को फिल्टर करके। उसे साफ बना देता है। ठीक इसी तरह हमारा लीवर शरीर में मौजूद सारी गंदगी और विषैले पदार्थों को फिल्टर करके हमारे खून को साफ और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने का काम करता है। इतना ही नहीं हमारे शरीर द्वारा किए जाने वाले कई तरह के कार्य पूरी तरह हमारे लीवर पर ही निर्भर करते हैं।

लीवर कैसे काम करता है

चोट लगने पर जख्मों को भरना,शरीर के हार्मोन को संतुलन बनाना,भोजन में मौजूद पोषक तत्व को ग्रहण करना,शरीर का वजन घटाना या बढ़ाना या मसल्स का निर्माण करना,कोलेस्ट्रोल और शुगर लेवल का बैलेंस बनाना। जरूरी विटामिंस को और मिनरल्स को स्टोर करके रखना। दवाइयों और जहरीले पदार्थो और खराब भोजन के बुरे असर से हमारे शरीर को बचाकर रखने।जैसे लगभग 400 से भी ज्यादा काम डायरेक्ट और इनडायरेक्ट तरीके से हमारे लीवर से ही जुड़े होते हैं। इसलिए लीवर को हमारे शरीर का सबसे अच्छा मित्र माना जाता है। खान-पान में लापरवाही बरतना और शराब का ज्यादा मात्रा में सेवन करना इन दोनों ही चीजों का हमारे लीवर पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

हमारे शरीर की कार्यप्रणाली पूरी तरह से लीवर पर ही निर्भर होती है। इसलिए इसमें आई छोटी से छोटी खराबी भी कई गंभीर समस्याओं और बीमारियों को जन्म दे सकती है। ऐसी कोई भी चीज जिसका काम गंदगी को साफ करना या फिर फ़िल्टर करना होता है। समय के साथ-साथ वह खुद भी धीरे-धीरे दूषित होता जाता है। लीवर में आई खराबी के संकेत कई बार इतने साधारण होते हैं कि अक्सर लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। फिर समझ ही नहीं पाते कि इनके पीछे लीवर की खराबी भी एक वजह हो सकती है। जब भी हमारे शरीर में छोटी से छोटी गड़बड़ी आती है। तो हमारा शरीर उसके बारे में हमें अलग-अलग तरह से बताने की कोशिश करता है। ऐसे कई लक्षण होते हैं जिनसे हम आसानी से पता लगा सकते हैं कि हमारा लीवर ठीक तरह से काम कर रहा है या नहीं कर रहा है। आइए जानते हैं 10 ऐसे संकेतों के बारे में जब हमारा लीवर हमसे मदद की पुकार करता है।

लिवर खराब होने के लक्षण 

गैस अपचन और पेट खराब रहना 

अक्सर पेट खराब रहना बार बार गैस बनना या डकारे आना खाना ठीक से ना पचना जी म चलाना या उल्टी जैसा लगना लिवर खराब होने के सबसे शुरुआती लक्षण होते हैं। जब हमारे लीवर में जहरीले पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है। तो जरा सा बाहर का खाने पर भी हमारे पेट की हालात बहुत ज्यादा बिगड़ने लगती है। जिसके चलते हमारा पेट अक्सर खराब रहता है। जबकि कभी-कभी सर दर्द भी होने लगता है। लीवर की कार्य करने की गति धीमी होने की वजह से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म भी धीमा होने लगता है। जिसके चलते हमारे पेट को खाना ठीक से पचाने में मुश्किल होने लगती है। अगर आपका रोजाना ठीक तरह से पेट साफ नहीं होता या आप पेट से संबंधित समस्याओं से लगातार परेशान रहते हैं. तो इसका संबंध आपके लीवर से भी हो सकता है।

इसलिए ऐसी स्थिति में पेट से जुड़ी किसी भी दवाई का पूरी तरह से असर नहीं हो पाता है। क्योंकि इसके पीछे की मुख्य वजह लीवर होता है। इसलिए जिन लोगों को बार बार पेट से जुड़ी समस्या होती रहती है। उन्हें एक बार अपने लीवर का चेकअप भी जरूर करवा लेना चाहिए।

थकान और कमजोरी 

जब हमारा लीवर खराब होना शुरू होता है। तो शुरुआती दिनों में हमें ज्यादा थकान और ज्यादा आलस्य आना शुरू हो जाता है।  वैसे लगातार स्ट्रेस के चलते थकान होना एक आम बात है। लेकिन जब यह रोज-रोज होने लगे और कभी-कभी शरीर में कमजोरी भी महसूस हो। तो इसका संबंध हमारे लीवर से भी हो सकता है। लीवर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ने की वजह से उसके कार्य करने की क्षमता कमजोर होने लगती है। जिसकी वजह से शरीर में मौजूद दूसरे अंदरूनी अंगों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में हमारा शरीर जल्दी थकने लगता है। इसे ज्यादा आराम करने की जरूरत पड़ने लगती है। अगर किसी व्यक्ति को रोजाना बहुत ज्यादा आराम करने की जरूरत महसूस करते हुए। दो महीने से भी ज्यादा समय हो जाता है। तो उसे एक बार अपने लीवर का चेकअप जरूर करवा लेना चाहिए।

वजन बढ़ना 

जब हमारे लीवर में विषैले पदार्थों की मात्रा ज्यादा बढ़ जाती है। तो धीरे-धीरे लीवर पर लोड भी बढ़ने लगता है। स्ट्रेस की वजह से लीवर में मौजूद टॉक्सिन शरीर के फैट सेल में जमा होने लगते हैं। धीरे-धीरे शरीर में चर्बी बढ़ने लगती है। जब लीवर की खराबी की वजह से शरीर का वजन और चर्बी बढ़ रही होती है। तो ऐसे बढ़ रहे वजन को कम करना एक बहुत ही मुश्किल काम बन जाता है। इसलिए जिन लोगों को सब कुछ करने के बाद भी एक लंबे समय से बढे  हुए मोटापे से छुटकारा नहीं मिल रहा है। उन्हें एक बार अपने लीवर का चेकअप जरूर करवा लेना चाहिए।

मुंह से बदबू आना

ऐसी बहुत सारी खाने वाली चीजें और गलत आदतें होती हैं। जिनकी वजह से मुंह से बदबू आने लगती है। लेकिन कई स्थितियों में मुंह से आने वाले बदबू के पीछे खराब हो रहा लीवर भी एक वजह हो सकती है। हमारा शरीर एक इंटरकनेक्टेड सिस्टम की तरह काम करता है। जहां हमारे सभी अंदरूनी अंग एक दूसरे से जुड़े होते हैं। लीवर और पेट की खराबी साथ साथ चलती है। मतलब कि लीवर खराब होने पर पेट खराब होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। पेट खराब होने की वजह से हमारी सांसों से बदबू आने लगती है। यह लीवर में किसी भी तरह की समस्या का सबसे आम और सबसे शुरुआती लक्षण होता है।

पैरों में सूजन 

जब हमें खराब हो रहे लीवर के बारे में पता नहीं चलता या फिर हम इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। तो वह खुद ही अपने आप को रिपेयर करने की कोशिश करने लगता है। जब दूसरे कामों के साथ-साथ लीवर को अपने आप को रिपेयर करना भी पड़ता है। तो ऐसे में वह कमजोर और धीमा पड़ने लगता है। जिसकी वजह से शरीर का ब्लड प्रेशर बढ़ता जाता है और शरीर में मौजूद तरल शरीर के निचले हिस्से में जमा होने लगता है। जो कि पैरों में सूजन पैदा करता है। इस तरह की सूजन को एडिमा कहा जाता है। अक्सर यह घुटनो के नीचे वाले हिस्से में ज्यादा होती है और इस तरह की सूजन में दर्द नहीं होता है।

आंखों,त्वचा  और पेशाब के रंग में बदलाव आना 

वैसे तो जब हमारी आंखों और त्वचा का रंग पीला होने लगता है। तो इसे जॉइनडिस यानी कि पीलिया का लक्षण माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीलिया खुद अपने आप में लीवर खराब होने की निशानी होती है। कमजोर लीवर शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा को बढ़ा देता है। बिलीरुबिन हमारे शरीर में पाया जाने वाला पीला पदार्थ होता है। खराब लीवर के चलते शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ती है और यह हमारे शरीर में और त्वचा में पीलापन पैदा करने लगती है। बढे हुए बिलीरुबिन को कम करने के लिए हमारा शरीर उसे मल और यूरिन के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। जिसकी वजह से हमारे मूत्र का रंग पीला या फिर भूरा नजर आने लगता है।

एलर्जी 

ज्यादातर त्वचा में होने वाली एलर्जी इनफेक्शन या बैक्टीरिया की वजह से होती है। लेकिन कई बार त्वचा पर होने वाले लाल निशान,दाद खाज और खुजली के पीछे खराब लीवर भी एक वजह हो सकती है। जब हमारे शरीर में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ने लगती है। तो इसका असर हमारी त्वचा पर भी होने लगता है। हमारी त्वचा ज्यादा सेन्स्टिव हो जाती है और अलग-अलग जगह पर लाल निशान नजर आने लगती है। जिनमें थोड़ी थोड़ी खुजली भी होती है। ज्यादातर इस तरह की एलर्जी हाथों और पैरों में होने लगती है।

भूख कम लगना 

ऐसी कई हेल्थ से जुड़ी समस्या होती है। जिनमें हमें भूख कम लगने लगती  है। लीवर का खराब होना उनमें से एक है जब हमारा लीवर ठीक तरह से काम नहीं करता। तो इसका असर हमारे पाचन पर पड़ता है। हमारा भोजन ठीक तरह से नहीं पचने पर धीरे-धीरे वह कम होती जाती है। डाइट में कमी बार बार चक्कर आना या फिर खाने के बाद उल्टी जैसा महसूस होना। खराब लीवर के लक्षण माने जाते हैं।

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उभरी हुई नशे और खून के थक्के 

ज्यादातर जब खून के थक्के जमते हैं या नीला पड़ जाता है। तो यह चोट लगने की वजह से होता है। लेकिन जब यह बिना वजह शरीर पर नजर आने लगे या फिर हल्की-फुल्की चोट से ही त्वचा पर रंग पीला पड़ना शुरू हो जाए। तो यह लीवर के कमजोर होने का संकेत होता है। क्योंकि लीवर में खराबी आने की वजह से यह हमारी नसों को कमजोर बनाता है। जिसकी वजह से हमारी नसें पहले से ज्यादा उभरी हुई नजर आने लगती है। त्वचा पर नीले निशान आसानी से बनने लगते हैं। ऐसे लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ज्यादा पसीना आना 

जिस तरह कार को लगातार चलाने पर वह गर्म हो जाती है। उसी तरह कमजोर लीवर भी कम समय में ज्यादा थकने लगता है। थकान की वजह से हमारे लिवर में गर्मी बढ़ती है। जो कि हमारे शरीर का तापमान भी बढ़ा देती है। गर्मी बढ़ने की वजह से पसीना भी ज्यादा निकलने लगता है। जिन लोगों का लीवर ठीक तरह से काम नहीं कर रहा होता है। उनके शरीर में हमेशा गर्मी दूसरों के मुकाबले ज्यादा होती है।

लीवर के आस पास दर्द होना 

अगर आपको लीवर के आस पास दर्द होता रहता है। तो यह निशानी है कि आपके लिवर की सेहत ठीक नहीं है। रिसर्च से पता चला है कि हमारे लीवर में कम से कम 50 से ज्यादा अलग-अलग तरह की बीमारियां लग सकती है। कुछ बीमारियां लोगों को बचपन से ही होती है। लेकिन कुछ बीमारियां गलत खानपान और शराब की ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हो जाती है।   अगर लीवर ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा होता है। तो इसकी वजह से लीवर के आसपास वाले हिस्से में हल्का हल्का दर्द महसूस हो सकता है कई बार यह दर्द बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लंबे समय तक अगर आप लीवर की खराबी को अनदेखा किया जाए तो लीवर में सूजन भी आने लगती है।

तो दोस्तों यह थे कुछ ऐसे लक्षण जो बताते हैं कि आपके लीवर की सेहत ठीक नहीं है। अगर आपको इनमें से कुछ लक्षण नजर आते हैं। तो इन्हें कभी भी नजरअंदाज ना करें।अब हम लिवर को ठीक या डीटॉक्स करने के कुछ असरदार घरेलू नुस्खे और उपाय के बारे में जानेंगे।

लिवर को ठीक या डीटॉक्स करने के कुछ असरदार घरेलू नुस्खे और उपाय

अब हम जानेंगे की लीवर को डिटॉक्स कैसे किया जाए। यानी कि पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों के इस्तेमाल से लीवर में जमी सारी गंदगी को बाहर करके। लिवर को पहले से ज्यादा ताकतवर और स्वस्थ कैसे बनाया जाए। यह नुस्खे लिवर से जुड़ी हर तरह की समस्या को दूर करने के लिए सबसे ज्यादा असरदार है। इससे  मात्र 20 घंटों में ही लिवर में जमी सारी गंदगी साफ हो जाती है। लीवर हमारे शरीर में एक केमिकल फैक्ट्री की तरह काम करता है। मतलब कि आप कितना भी बाहर का जंक फूड या फिर तला हुआ भोजन या शराब या अलग-अलग तरह की केमिकल से बनी दवाइयां खाते हैं।

उन सभी से होने वाले बुरे प्रभावों को लीवर हमारे शरीर से बाहर निकालने का काम करता है। जब भी हम कुछ खाते हैं। तो हमारा लीवर उस खाए गए पदार्थ में से आवश्यक पोषक तत्वों को ग्रहण करता है और शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंचाता है। ऐसे में देखा जाए तो शरीर में होने वाले तमाम कामों को सफलतापूर्वक करने के लिए लीवर का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। लेकिन अगर इसमें जरा सी भी खराबी आती है। तो इसकी वजह से हमारे शरीर के पूरा सिस्टम गड़बड़ाने लगता है। लीवर में खराबी के चलते हेपेटाइटिस,फैटी लीवर,लीवर सिरोसिस,एल्कोहलिक लिवर डिजीज और लीवर कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियां होने का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।

इसलिए शुरुआत में ही लीवर में आई खराबी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। क्योंकि लगभग 80% लीवर की खराबी के मामलों में दवाइयों का कोई भी असर नहीं होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे लीवर को केमिकल बिल्कुल भी पसंद नहीं होते है।प्राकृतिक चीजों का ही हमारे शरीर पर पूरी तरह से असर हो पाता है। तो चलिए अब बात करते हैं लिवर को साफ करने वाले सबसे कामयाब नुस्खों के बारे में। लीवर से टॉक्सिन मतलब की गंदगी बाहर निकालने के लिए या लीवर में आई खराबी को ठीक करने के लिए। इस काम को एक पूरी प्रक्रिया की तरह करना पड़ता है। मतलब कि यह एक तरह का घरेलू नुस्खा है।

अगर हम डॉक्टर के पास भी जाते हैं। तो वह दवाइयों के साथ-साथ हमें कुछ दिनों का परहेज करने की भी सलाह देता है। ऐसा करने से दवाइयों का असर भी पूरी तरीके से होता है। एक ही बार में समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाता है। लीवर का घरेलू इलाज करते समय भी हमें इसी तरीके को अपनाने की आवश्यकता होती है।  ताकि आप पहली बार में ही लीवर को पूरी तरह से साफ कर सके। इसके लिए सबसे पहले बाहर का जंक फूड या ज्यादा तला हुआ या मसालेदार भोजन कम से कम 5 से 6 दिनों के लिए पूरी तरह से बंद कर दे। केवल घर में बना हुआ सादा भोजन करें और खाते समय आधे से ज्यादा पेट केवल सलाद और सब्जियों से ही भरे। अगर आप 5 से 6 दिन ऐसा कर लेते हैं। तो लीवर साफ करने वाले नुस्खों से ही पहली बार में ही आपकी समस्या पूरी तरह से सॉल्व हो जाएगी।

5 से 6 दिन हल्की और फलों वाली डाइट लेने के दौरान कोशिश करें कि बीच में एक या दो दिन आप एक टाइम भोजन करने की जगह सिर्फ फलों से ही अपना पेट भर ले। हमारा लीवर और हमारा पाचन लगातार काम करता है और बिना रुके हमारे द्वारा खाई गई खराब चीजों के बुरे असर को दूर करता रहता है। ऐसे में अगर हम 5 से 6 दिन फलों वाली डाइट लेते हैं। तो  इससे लिवर को बहुत ज्यादा आराम मिलता है।  थकान और कमजोरी कम होने लगती है और इसके बाद किए गए किसी भी घरेलू इलाज से शुरुआत में ही कमाल के परिणाम मिलने लगते हैं।

फलों में संतरा,सेब,पपीता,तरबूज,खरबूज,पाइनएप्पल और चुकंदर आदि का सेवन करना लीवर के लिए फायदेमंद होता है। अगर आप ज्यादा फलों का सेवन नहीं कर सकते। तो कोशिश करें कि आपका भोजन कम मसाले वाला और हल्का हो इसके लिए खिचड़ी,दलिया,ओट्स और ब्राउन राइस का ज्यादा मात्रा में सेवन करें। लिवर की सफाई के लिए इस तरह की डाइट आपको केवल 5 से 6 दिन के लिए ही लेनी है। उसके बाद आप रोजाना अपने रूटीन में खाए जाने वाली चीजों का सेवन शुरू कर सकते  हैं।अब बात करते हैं 5 से 6 दिन हो जाने के बाद लीवर की गंदगी या बीमारी को खत्म करने के लिए किन-किन उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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लोकी हल्दी धनिया नींबू काला नमक और गिलोय के रस

इसमें जो पहला नुस्खा है। उसको बनाने के लिए हमें जरूरत होगी लोकी,हल्दी,धनिया,नींबू,काला नमक और गिलोय के रस की गिलोय का रस लीवर को ठीक करने के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है। यह आपको किसी भी मेडिकल स्टोर या आयुर्वेदिक दवाई की दुकान या पतंजलि स्टोर या सुपर मार्केट में आसानी से मिल जाएगा। गिलोय अपने आप में इम्यूनिटी बूस्टर की तरह होता है। यह लीवर में बाइल फ्लो को सपोर्ट करता है। जिससे हमारा पाचन मजबूत होता है और लीवर में मौजूद सारी गंदगी बाहर निकलने लगती है। इस नुस्खे को तैयार करने के लिए लौकी को छीलकर उसे थोड़े से धनिए के साथ मिक्सी में ग्राइंड कर ले और लगभग एक गिलास जूस तैयार कर ले।

अब इस जूस में एक चम्मच हल्दी,एक चम्मच काला नमक,एक चम्मच नींबू का रस और लगभग 30 मिलीलीटर गिलोय का जूस मिलाएं। इस तरीके से यह ड्रिंक तैयार हो जाएगी। इस ड्रिंक का रोजाना सुबह खाली पेट सेवन करें। लीवर को डिटॉक्स करने के लिए हल्दी काफी फायदेमंद होती है। इसके अंदर एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती है। जो कि दूषित लीवर को तेजी से साफ करना शुरू कर देती है। लौकी और धनिया हमारे लीवर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं। जिससे कि पूरा दिन हमारा लीवर सही तरीके से काम करता है।जिससे शरीर में एक अच्छी एनर्जी बनी रहती है। इस ड्रिंक का लगातार सात से आठ दिन सेवन करने से लिवर में मौजूद सारी गंदगी साफ हो जाती है।

मूली के पत्ते

इसके अलावा मूली के पत्ते भी लिवर की सफाई के लिए भी बहुत उपयोगी होते हैं। मूली खाते समय हम अक्सर हम उसके पत्ते को फेंक दिया करते हैं। लेकिन जब लिवर में अशुद्धता बढ़ जाए। तो यही पत्ते शरीर में संजीवनी की तरह काम करते हैं। मूली के पत्तों में विटामिन-A  विटामिन-बी और विटामिन-सी पाया जाता है व फाइबर की अधिकता होने से। यह हमारे पाचन को अच्छा बनाता है और लीवर के कार्य क्षमता को भी बढ़ाता है। इसके इस्तेमाल के लिए मूली के पत्तों को अच्छे तरीके से धोकर इसका जूस बना ले और इसका असर और बढ़ाने के लिए जूस बनाते समय। इसमें एक चुकंदर और थोड़ा सा अदरक भी मिलाया जा सकता है।

रोजाना इस जूस का दिन में खाना खाने के बाद सेवन करें। यह जूस पी लिया आंखों की कमजोरी पाइल्स और बालों का झड़ना भी रोकता है। अगर आप लगातार एक हफ्ते तक इसका सेवन करते हैं। तो इससे लिवर से जुड़ी बीमारियों और लीवर की खराबी में काफी फायदा मिलता है।

किसमिस का पानी 

इसके अलावा किसमिस का पानी भी लिवर की सफाई के लिए एक अद्भुत दवा की तरह कार्य करता है। लगभग 500 मिलीलीटर पानी को गर्म करके उसने एक कटोरी किशमिश मिलाकर रात भर के लिए रख दें। इसके बाद सुबह इस पानी को छानकर अलग कर ले और सुबह खाली पेट से लेकर पूरे दिन तक एक 1 घंटे के अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहे।  बची हुई किशमिश का शाम के समय या फिर सुबह नाश्ते के समय सेवन किया जा सकता है। लगातार तीन दिन तक किसमिस का पानी पीते रहने से लीवर में मौजूद सारी गंदगी बाहर निकल जाती है।  लीवर पहले से ज्यादा स्वस्थ बन जाता है। किसमिस का पानी पेट से जुड़ी हर तरह की समस्या कब्ज एसिडिटी और गैस आदि के लिए भी बहुत उपयोगी है। यह एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर है। जिसके सेवन से शरीर का आलस्य दूर हो जाता है। दिन भर शरीर में एक अच्छी एनर्जी बनी रहती है। इसके इस्तेमाल के दूसरे दिन से ही आपको अपनी सेहत और शरीर की ऊर्जा में फर्क दिखना शुरू हो जाएगा।

गेहूं के ज्वार का रस

गेहूं के ज्वार का रस भी लीवर के सफाई के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसके अंदर क्लोरोफिल की मात्रा अधिक होती है। साथ ही साथ ही साथ यह एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट भी है। जिसके इस्तेमाल से लिवर से जुड़ी हर तरह की बीमारी और लीवर की गंदगी पूरी तरह से खत्म हो जाती है। व्हीटग्रास जूस आपको किसी भी आयुर्वेदिक दुकान या फिर मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाएगा। जबकि इस आप इसे आसानी से ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं।

तो दोस्तों यह थे लिवर की तेजी से सफाई करने के लिए कुछ साधारण लेकिन असरदार घरेलू नुस्खे। जिससे लीवर पहले से ज्यादा स्वस्थ बन जाता है। लेकिन अगर आप लीवर की  किसी गंभीर बीमारी से परेशान है। तो एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य ले। अगर आपको यह पोस्ट पसंद आई हो। अगर आपका कोई दोस्त रिश्तेदार किसी को भी लिवर से जुड़ी समस्या है। तो इस पोस्ट को उसके साथ जरूर शेयर करें।

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