करवा चौथ से जुडी ये बाते नहीं जानते होंगे आप

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दोस्तों हिंदू मान्यताओं के अनुसार यह त्योहार यह पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी की तिथि को मनाया जाता है।  करवा चौथ को करवा चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। करवा का अर्थ होता है मिट्टी से बना हुआ पात्र। इस उपवास  में चंद्रमा को जल अर्पण मिट्टी से बने पात्र से ही किया जाता है। इसी कारण इस पूजा में करवा का विशेष महत्व हो जाता है। पूजा के बाद  इस करवा को या तो अपने घर में संभाल कर रखा जाता है या किसी ब्राह्मण अथवा योग्य महिला को दान में देने का विधान है।नमस्कार दोस्तों इस पोस्ट में मैं आपको करवा चौथ क्यों मनाया जाता है , करवा चौथ की व्रत कथा ,करवा चौथ पर पत्नी को क्या उपहार दे , करवा चौथ पर पुराने कपडे पहन सकते है या नहीं ,करवा चौथ 2019 , करवा चौथ के दिन इन चीजों का महिलाये न करे दान , के बारे में बताऊंगा।

करवा चौथ से जुडी ये बाते नहीं जानते होंगे आप 

दोस्तों करवा चौथ का उपवास पंजाब,राजस्थान,हरियाणा , उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विशेष रूप से बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। परंतु इस वैश्वीकरण युग में एक दूसरे को देखकर अन्य प्रांत के लोग भी करवा चौथ  को धूमधाम से मनाने लगे हैं। अब आपको बताते हैं क्यों मनाया जाता है करवा चौथ अथवा क्यों किया जाता है करवा चौथ का उपवास

क्यों मनाया जाता है करवा चौथ (क्यों किया जाता है करवा चौथ का उपवास)

दोस्तों करवा चौथ का उपवास सुहागिन स्त्रियां ही रखती है। सुहागिन पत्नी अपने पति की लंबी आयु और दांपत्य जीवन में सुख समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए करवा चौथ का उपवास रखती है।  इस उपवास में सुहागिन पत्नी पूरे दिन अर्थात सूर्य उदय से लेकर चंद्र दर्शन किए बिना अन्न और जल  का सेवन नहीं  करती।  यानी कि निर्जला रहती है। रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद पूजा के उपरांत ही जल और भोजन ग्रहण करती है।  करवा चौथ में रात  में चंद्रमा को देखने का विधान है। सुहागिन महिलाएं रात में भगवान शिव माता पार्वती और कार्तिकेय के साथ-साथ गणेश जी की पूजा करती है। इस दिन रात के समय पहले महिलाये छलनी से चंद्रमा को देखती है। फिर उसी छलनी से अपने पति को देखती है। फिर  महिलाएं अपने पति के हाथ से ही पानी पीती है और अपना व्रत पूरा करती है।  इसके बाद अपनी पसंद का भोजन ग्रहण करती है।

करवा चौथ से जुड़ी पौराणिक कथा

चलिए दोस्तों अब आपके बताते हैं करवा चौथ से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में। दोस्तों एक किवदंती के अनुसार जब सत्यवान की आत्मा को लेने के लिए यमराज आए तो पतिव्रता सावित्री ने यमराज से अपने  पति सत्यवान के प्राणों की भीख मांगी और अपने सुहाग को ने ले जाने के लिए निवेदन किया। लेकिन  यमराज के ना मानने पर सावित्री ने अन्न और जल  का त्याग कर दिया और अपने पति के शरीर के पास विलाप करने लगी।  पतिव्रता स्त्री के इस विलाप से यमराज विचलित हो गए और उन्होंने सावित्री से कहा कि अपने पति सत्यवान के जीवन के अतिरिक्त कोई भी और वर मांग ले। सावित्री ने यमराज से कहा कि आप मुझे कई संतानों की मां बनने का वरदान दे।  जिससे यमराज ने हां कह दिया पतिव्रता स्त्री होने के नाते सत्यवान के अतिरिक्त किसी अन्य पुरुष के बारे में सोचना भी  संभव नहीं था। अंत में अपने वचन में बंधने के कारण एक पतिव्रता स्त्री के पति  को यमराज साथ लेकर नहीं जा सके और सत्यवान के जीवन को सावित्री को सौंप दिया।कहा जाता है कि तब से स्त्रियां जल और अन्न का त्याग करके अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हुए करवा चौथ का व्रत रखती है।

द्रोपति द्वारा करवा चौथ का व्रत रखने की कहानी

इससे जुड़ी एक और पुरानी कथा है।द्रोपति द्वारा करवा चौथ का व्रत रखने की कहानी भी प्रचलित है।  कहते हैं कि जब अर्जुन नीलगिरी की पहाड़ियों में घोर तपस्या के लिए गए हुए थे। तो बाकी चारों पांडवों को पीछे से अनेकों गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा था। द्रोपती ने भगवान श्री कृष्ण से मिलकर अपना दुख बताया और अपने पतियों के मान सम्मान की रक्षा के लिए कोई उपाय पूछा।  तो भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को करवा चौथ रखने का व्रत सलाह रखने की सलाह दी थी। जिसे करने से अर्जुन भी सकुशल लौट लौट आए और और बाकी पांडवों के सम्मान की भी रक्षा हो सकी थी।

तो यह थे दोस्तों करवा चौथ से जुड़े हुए कुछ जानकारी तो आशा करते हैं आप सब सभी को हमारी यह पोस्ट पसंद आई होगी।

करवा चौथ की व्रत कथा

करवा चौथ की अपनी एक कहानी है। जिसे स्त्रियां  कथा के रूप में सुनती है।  कहा जाता है करवा चौथ के दिन व्रत कथा का पढ़ा  जाना काफी महत्व पूर्ण  होता है। आइए जानते हैं करवा चौथ की  व्रत कथा

करवा चौथ की व्रत कथा

कहा जाता है। एक साहूकार के सात  लड़के और एक लड़की थी।उस लड़की का नाम करवा था। सभी भाई पानी बहन से बेहद प्यार करते थे। करवा चौथ के दिन सेठानी के सहित उसकी बहू और बेटी ने करवा चौथ का व्रत रखा था। रात  को साहूकार के लड़के भोजन करने लगे तो उन्होंने अपनी बहन से भोजन के लिए कहा इस पर बहन ने बताया कि उसका आज व्रत है। वह खाना चंद्रमा को देखकर ही खा सकती है। सबसे छोटे भाई को अपनी बहन की हालत देखी नहीं जाती और वह दूर पेड़ पर एक दीपक जलाकर छलनी  की ओट में रख देता है। जो ऐसा प्रतीत होता है जैसे चतुर्थी का चांद हो।

उसे देखकर करवा(साहूकार की बेटी ) जल अर्पण करके खाना खाने बैठ जाती है।  जैसे ही वह अन्न का पहला का  टुकड़ा   मुंह में डालती है। उसे छींक आ जाती है।  दूसरा टुकड़ा डालती है तो उसमें बाल निकल आता है ,और जब वह तीसरा टुकड़ा मुंह में डालती है तभी उसके पति की मृत्यु का समाचार उसे मिलता है।  वह बहुत ही ज्यादा दुखी हो जाती है।

उसकी भाभी तब उसे सच्चाई बताती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो  गए  है। इस पर करवा निश्चय करती है कि वह अपने पति के अंतिम संस्कार नहीं करेगी और अपने सतीत्व से उन्हें पुनर्जीवन दिलाकर रहेगी। एक साल बाद फिर चौथ का दिन आता है। तो वह व्रत रखती है और शाम को सुहागिन से अनुरोध करती है कि मुझे भी अपनी जैसी सुहागिन बना दो। लेकिन हर कोई मना कर देती है आखिर में एक सुहागिन उसकी बात मान लेती है और इस तरह उसका व्रत पूरा होती है। उसके सुहाग को नए जीवन का आशीर्वाद मिलता है। इसी कथा को कुछ अलग तरह से सभी व्रत करने वाली महिलाएं पढ़ती है और सुनती है।

करवा चौथ का त्यौहार नजदीक आ चूका है। इस दिन पत्नी अपने पति की लम्बी उम्र के लिए उपवास रखेंगी। जबकि पति उन्हें उपहार देकर उन्हें धन्यवाद बोलेंगे। लेकिन पति की सबसे बड़ी चिंता ये रहती है कि करवा चौथ पर उपहार में पत्नी को क्या दिया जाये। पति चाहते है की उनकी पत्नी को वो गिफ्ट पसदं भी आये और उन्हें वो उपहार हमेशा के लिए याद भी रह जाये। खासकर उन पतियों को ज्यादा चिंता रहती है। जिनकी पत्निया हमेशा शिकायत करती है। आज इस पोस्ट में हम आपको उन उपहारों के बारे में बताने जा रहे है। जिससे आपकी ये समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। इसकी मदद से आप अपनी पत्नी को खास उपहार दे सकेंगे। जिसको देखकर आपकी पत्नी  पुराने गीले सिक्वे भुला देंगी। 


करवा चौथ पर अपनी पत्नी को दे ये उपहार 

अपने हाथो बना कर पर्सनल टच वाला उपहार  

 गिफ्ट बेहद खास हो जाता है। अगर उसमे आपका पर्सनल टच हो। पत्नी को आप अपने हाथो बना कर कोई कार्ड ,आर्ट बना कर या फिर ऐसी ही कोई  हाथ से बनी चीज दे सकते है।

पत्नी के लिए रखे उपवास  

जिस तरह से पत्नी अपने पति की लम्बी उम्र के लिए उपवास रखती है। उसी तरह पति भी अगर पत्नी के लिए उपवास करते है। तो ये भी आपकी पत्नी के लिए किसी उपहार से कम नहीं होगा।

अच्छे से रेस्टॉरेंट में जाकर डिनर करे 

दिन उपवास रखने के बाद कुछ अच्छा खाने का मन करता है। इसलिए करवा चौथ के उपवास के बाद आप अपनी पत्नी के साथ किसी अच्छे से रेस्टॉरेंट में जाकर खाना खा सकते है। आप उस दिन अपनी पत्नी के पसंद का ही खाना आर्डर करे।

अपने हाथो से बनाये पत्नी के लिए खाना 

लेकिन अगर आप खाना खुद बना सकते है। तो करवा चौथ के दिन आप अपनी पत्नी को अपने हाथो से खाना बना कर खिला सकते है। आपके द्वारा बनाया गया खाना भी पत्नी के लिए किसी उपहार से कम नहीं होगा। लेकिन ध्यान रखे इस दिन खाना अपनी पत्नी की पसंद का ही बनाये।

ऑफिस से छुट्टी ले

करवा चौथ पर ऑफिस से छुट्टी ले। ये  बिलकुल भी न सोचे ये त्योहार महिलाओ का है और आपका इसमें कोई भी काम नहीं है। अगर आप पूरा दिन अपनी पत्नी के साथ रहेंगे तो उन्हें अच्छा लगेगा।

मनपसंद चीज उन्हें उपहार में दे 

अगर आप ऑफिस से छुट्टी नहीं ले सकते है। तो रात को  अपनी पत्नी के लिए उनका मन पसदं खाना या कोई ऐसी चीज जो आपकी पत्नी काफी दिनों से खरीदने की सोच रही थी। लेकिन खरीद नहीं रही थी। उन्हें गिफ्ट कर सकते है।

अब हम बात करेंगे की करवा चौथ पर पुराने कपडे पहन सकते है या नहीं। करवा चौथ हिन्दुओ का एक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो में रहने वाली महिला भी इस त्यौहार को बड़ी खूबसूरती से मनाती है। यह त्यौहार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह उपवास सूर्य उदय से पहले शुरू हो जाता है और रात में चन्द्रमा दर्शन के बाद पूरा हो पाता है।

अब हर किसी महिला के मन में सवाल होता है कि क्या करवा चौथ के दिन पुराने कपडे पहन कर इस उपवास को पूरा कर सकते है या बाजार से नए कपडे पहन कर ही पूजा की सकती है

क्या करवा चौथ पर पुराने कपड़े पहन सकते हैं या नहीं 

दोस्तों आपको जानकारी के लिए बता दूँ की शास्त्रों में ऐसा कही भी नहीं लिखा हुआ है  कि कोई भी महिला करवा चौथ की पूजा पाठ में नए वस्त्र पहने। आपको बता दे सुहागन महिला के लिए उसका पुराना शादी का जोड़ा बहुत महत्व रखता है। खासकर करवा चौथ के वक़्त शादी के जोड़े का होना बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि पुराना  शादी का जोड़ा हो तो करवा चौथ में चार चाँद लग जाते है। बल्कि पति और पत्नी को प्यार भरा पुराना वक़्त याद आता है।

वही आप करवा चौथ पर नए वस्त्र पहन कर भी इस व्रत को पूरा कर सकते है। नए वस्त्र पहन कर पूजा करना भी शास्त्रों में गलत नहीं माना गया है। अगर आप नए वस्त्र पहनना चाहते है। तो नए वस्त्र पहन कर भी पूजा  कर सकते है। लेकिन करवा चौथ में शादी का जोड़ा होना या शादी की चुनरी का होना सबसे ज्यादा अहम माना गया है।

करवा चौथ 2019: जानिए तारीख, महत्वपूर्ण पूजा अनुष्ठान और पूजा का समय

करवा चौथ या करवा चौथ एक हिंदू त्योहार है। जब विवाहित महिलाएं और विवाह योग्य उम्र की महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और भोजन या पानी का सेवन नहीं करती हैं। व्रत अपने पति की सुरक्षा और लंबी आयु के लिए रखा जाता है।  यह ज्यादातर भारत के उत्तरी राज्यों में मनाया जाता है। इन दिनों, कई पतियों ने भी अपनी पत्नियों के साथ उनकी सलामती के लिए व्रत रखना शुरू कर दिया है। इस दिन महिलाएं नए कपड़े पहनती हैं और हाथों पर मेहंदी लगाती हैं। वे अन्य महिलाओं के साथ, गीत गाते हैं और त्योहार के चारों ओर लोक कथाएँ सुनाते हैं। उनके ससुराल वालों द्वारा उन्हें एक सर्गी या सुबह का भोजन दिया जाता है। इस थैली में मिठाइयाँ, सूखे मेवे, मठरी, फेनी, एक साड़ी और आभूषण हैं। महिलाएं सुबह जल्दी उठती हैं। इसके बाद, वे दिन के दौरान भोजन या पानी का सेवन नहीं करते हैं और केवल शाम को चाँद देखने के बाद पानी और भोजन का सेवन करती  हैं। करवा चौथ पर विवाहित महिलाएं भगवान गणेश सहित भगवान शिव और उनके परिवार की पूजा करती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने और दर्शन करने के बाद ही कठोर उपवास तोड़ती हैं।

करवा चौथ 2019 की तिथि:

इस साल करवा चौथ तिथि 17 अक्टूबर, गुरुवार को है।

करवा चौथ पूजा का समय शाम 05:46 बजे से शुरू होकर 07:02 PM बजे तक,  पर समाप्त होगा। करवा चौथ पूजा मुहूर्त 1 घंटे 16 मिनट तक रहेगा। करवा चौथ उपवास का समय – सुबह 06:27 से शाम 08:16 बजे तक। यह 13 घंटे और 50 मिनट तक चलेगा।

करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय – रात 08:16 बजे

चतुर्थी तिथि 17 अक्टूबर, 2019 को सुबह 6:48 बजे

चतुर्थी तिथि समाप्त – 18 अक्टूबर 2019 को सुबह 07:29 बजे

करवा चौथ के चार दिनों के बाद, अहोई अष्टमी व्रत पुत्रों के कल्याण के लिए मनाया जाता है।

करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं भूल कर भी ना करे ये काम

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है।  क्योंकि इस दिन सभी महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है। करवा चौथ की तारीख नजदीक आते ही सुहागिन महिलाएं कुछ दिन पहले से ही तैयारी शुरू कर देती हैं। इस विशेष दिन में चांद निकलने के बाद ही पत्नियां अपना व्रत खोलती हैं और अन्न और पानी का सेवन करती हैं। पूरा दिन उपवास रखने के बाद महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती है और इसके बाद चांद निकलने पर जल अर्पण करके पति का चेहरा देखती हैं। जिसके बाद पत्नी का व्रत खुलता है।

करवा चौथ के दिन चांद देखने से पहले और उपवास खोलने से पहले इन बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है।माना जाता है कि ऐसा ना करने पर चंद्रमा नाराज हो जाते हैं और पत्नी को उसकी पूजा का फल नहीं मिलता है।

करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं भूल कर भी ना करे ये काम 

मां गौरी की पूजा

इस दिन मां गौरी की पूजा करने के बाद उसे हलवा पुरी का भोग लगाने के बाद  सास को यह प्रसाद देना कभी नहीं भूलना  चाहिए।

बुजुर्गों का आशीर्वाद

 वैसे तो यह व्रत पति के लिए रखा जाता है लेकिन इस दिन पत्नी मां सास या अन्य किसी बुजुर्ग का अपमान नहीं करना चाहिए अगर आप ऐसा करती हैं। तो आप का व्रत पूरा नहीं माना जाता है इस व्रत में बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना बहुत जरूरी होता है।

इस दिन सफेद या काला रंग के कपडे बिल्कुल भी ना पहने

करवा चौथ के दिन हर महिला को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इस दिन सफेद या काला रंग के कपडे बिल्कुल भी ना पहने। सुहागिन महिलाओं के लिए यह रंग पूरी तरह से अशुभ माना जाता है। इस दिन जितना हो सके लाल या पीले रंग का कपड़ा ही पहने।

करवा चौथ के दिन इन चीजों का ना करे दान 

सुहागिन महिलाएं इस दिन किसी को भी दूध दही चावल या कोई भी सफेद कपड़ा या अन्य सफेद वस्तु दान में न दे।  ऐसा माना जाता है कि अगर कोई विवाहित महिला इन चीजों का दान करती है. तो चंद्रमा नाराज हो जाते हैं और अशुभ फल देते हैं।

यह जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जिसे मानने सामान्य जन रुचि को ध्यान में रखकर ही प्रस्तुत किया गया है।

इस पोस्ट में अब तक आपने करवा चौथ क्यों मनाया जाता है , करवा चौथ की व्रत कथा ,करवा चौथ पर पत्नी को क्या उपहार दे , करवा चौथ पर पुराने कपडे पहन सकते है या नहीं ,करवा चौथ 2019 , करवा चौथ के दिन इन चीजों का महिलाये न करे दान , के बारे में सभी जानकरी प्राप्त की। हम आशा करते है कि आपको यह जानकरी जरूर पसंद आई होगी।


रावण और दशहरा से जुडी ये बाते नहीं जानते होंगे आप

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