उन्नाव केस कुलदीप सिंह सेंगर के साथ होने वाले इत्तफाक

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कुलदीप सिंह सेंगर का नाम आप सब ने सुना होगा। गूगल में कुलदीप टाइप करो सबसे पहले इन्ही का नाम आता है। कुलदीप सिंह सेंगर भी है। ये वही विधायक साहब है जिन पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की का जैसे ही एक्सीडेंट होता है। तब पूरा देश समझ जाता है कि बात बहुत ज्यादा आगे बढ़ गई है। लेकिन कुछ अंधभक्तो का और सेंगर के समर्थको का कहना है कि ये एक इत्तफाक भी तो हो सकता है। मुझे लगता है इत्फ़ाको ने कुलदीप सिंह सेंगर के साथ ही होने का ठेका ले लिया है।

 कुलदीप सिंह सेंगर के साथ होने वाले इत्तफाक

  • इत्तफाक से लड़की के बलात्कार का आरोप उन पर लगा दिया जाता है।
  • इत्तफाक से उस लड़की के पिता को आर्म्स एक्ट में गिरफ्तार कर लिया जाता है।
  • इत्तफाक से जेल में उनकी मौत भी हो जाती है।
  • इत्तफाक से उत्तर प्रदेश पुलिस उनके चाचा पर भी पांच पांच केस लगा कर उनको जेल में डाल देती है।
  • इत्तफाक से लड़की के घर वालो को धमकी मिलने लगती है।
  • इत्तफाक से ही कुछ दिन बाद लड़की का एक्सीडेंट भी हो जाता है।
  • इत्तफाक से जिस ट्रक से एक्सीडेंट होता है वो wrong side से आ रहा था।
  • इत्तफाक से उस नंबर प्लेट पर कालिख भी पुती होती है।
  • इत्तफाक से इसमें उनकी मौसी और चाची की मौत भी हो जाती है।
  • इत्तफाक से पुलिस इसको हादसा बताने लग जाती है।
  • लड़की को सरकारी सुरक्षा दी गई थी। लेकिन इत्तफाक से  हादसे के वक़्त उसके सुरक्षाकर्मी उसके साथ नहीं थे।
  • कहानी ये भी बनकर आ रही है कि कार मर जगह कम होने के कारण लड़की के घर वालो ने खुद उनको आने से मना कर दिया।
  • एक इत्तफाक ये भी देखिये लड़की के सरक्षाकर्मी कितने आज्ञाकारी थे कि वो ये भी भूल गए की उनका काम लड़की को बचाना था। ना की उसे अकेला छोड़ना।

कुछ सवाल

उत्तर प्रदेश में अपराध खत्म करने का संकल्प लेने वाले मुख्य मंत्री की आँखों के निचे ये सब कैसे हो रहा है।

सिस्टम में वो कौन लोग है जो जेल में बंद  कुलदीप सिंह सेंगर अब भी जी हुजूरी कर रहे है।

सोचना उनके भी चाहिए जो जेल में बंद कुलदीप सिंह सेंगर से मिलने जाते है।

अबकी बार तीन सौ पार कहने वाले लोगो के मुँह से अबकी बार बलात्कारियो पर प्रहार क्यों नहीं निकल रहा है।

कुछ बाते कुलदीप सिंह सेंगर केअंधभक्तो के लिए

इस देश में लड़कियों की इज्जत कोई सरकार नहीं ही जिसे गिराकर आप अपनी ही पीठ ही थपथपा लेंगे। इस देश का अस्तित्व तब भी था जब आपके नेता नहीं थे। आपकी पार्टी नहीं थी। जब इस देश में किसी की सरकार नहीं थी तब भी इस देश में नारी तू नारायणी बोला जाता था। कम से कम उस नारी की इज्जत करना सीख लो। कितना अच्छा होता अगर आप कांग्रेस मुक़्त भारत बनाने की बजाय। अपराध मुक्त भारत बनाने की बात करते। इस देश में निर्भया भी हुई आसिफा भी हुई और ट्विंकल भी हुई। नाम बदले सरकार बदली जगह बदली। तो मेंरा आपसे निवेदन है चुप ना रहे। उनसे भी सवाल पूछे जिन्हे आप सवालों के घेरे से बाहर समझते आए है।

सौ:- RJ RAUNAK

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