चने का कब कैसे और किस तरह से इस्तेमाल करना चाहिए, चने में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद होते है

चने का  कब कैसे और किस तरह से इस्तेमाल करना चाहिए और चने में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद होते है 

दोस्तों चना एक बहुत ही ताकतवर भोजन की श्रेणी में आता है।  जिसका सही तरीके से इस्तेमाल करने से यह शरीर में मसल्स की मात्रा को बढ़ाता है।लेकिन साथ-साथ बढ़ी हुई चर्बी को कम करने में में काफी मदद करता है।  साथ ही आंखों की अच्छी सेहत ,हड्डियों की मजबूती दिमागी ताकत, चेहरे के दाग धब्बे , बालों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ पाचन क्रिया को बेहतर बनाना है।शारीरिक कमजोरी को दूर करने में भी काफी मदद करता है।

लेकिन अक्सर ही लोग चने को ,पानी में भिगो कर ,उबाल कर या फिर अंकुरित करके इसका इस्तेमाल करते हैं। जबकि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं ,जो कि भीगे हुए चने को ज्यादा शक्तिशाली समझकर उसे कच्चा ही खाना पसंद करते हैं। इसलिए ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर चने को किस तरीके से खाया जाए , कि उसका शरीर को ज्यादा से ज्यादा फायदा  मिल सके।

चने का गलत तरीके से इस्तेमाल करने से। यह शरीर का फायदा करने तो दूर बल्कि नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए आज की इस पोस्ट में आप पढ़ेंगे कि

  • पानी में भीगा हुआ चना ,उबला हुआ चना और अंकुरित चने में से कौन सा चना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। 
  •  चने का कब और किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। 
  • चने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते है। 
  • कच्चे उबले और अंकुरित किए हुए चने में ,कौन सा चना हमारे पेट में अच्छे तरीके से पचता है।
  •  कौन सा चना हमें नुकसान पहुंचा सकता है। 
  • चने को पकाने के बाद उस पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है या घटती है।

इसे समझने के लिए हमारे लिए इन बातों का समझना बहुत जरूरी होता है। एक चने में कौन कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं।  इसे पकाने के बाद उस पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है या घटती है। चने का डाइजेशन मतलब कि कच्चे उबले और अंकुरित किए हुए चने में ,कौन सा चना हमारे पेट में अच्छे तरीके से पचता है। कौन सा चना हमें नुकसान पहुंचा सकता है।

क्योंकि कोई भी चीज चाहे कितनी भी अच्छी हो। लेकिन अगर वह ठीक से नहीं पांच पाती। तो उसका सही फायदा हमारे शरीर को नहीं मिल पाता।

 पोषक तत्व के नजरिए से कच्चे चने में क्या-क्या मौजूद होता है

दोस्तों चने में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन के सबसे ज्यादा मात्रा होती है। जबकि फैट बहुत ही कम मात्रा में होता है। साथ ही इसमें फाइबर और कुछ माइक्रोन्यूट्रिएंट्स अभी अच्छी खासी मात्रा में मौजूद होते हैं। लेकिन जब भीगे हुए चने को उबालते हैं। तो उसमें प्रोटीन की मात्रा में 3 से 4% कमी आ जाती है। लेकिन जब चने को अंकुरित करके इस्तेमाल किया जाता है। तो उस में प्रोटीन की मात्रा तो बढ़ती ही है। साथ ही इसमें विटामिन और मिनरल्स की मात्रा भी काफी हद तक बढ़ जाती हैं।

अब तक आपको ऐसा ही लग रहा होगा कि , पानी में भीगे हुए चने की में पोषक तत्व की मात्रा अधिक होती है। लेकिन जब पेट में जाकर पचने की बात आती है। तो कहानी पूरी तरह से बदल जाती है।

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चने को उबालने, अंकुरित करने के बाद उस में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है या घटती है

पहली बात तो यह है कि ,कच्चे चने में जो फाइबर होता है। वह पचने में बहुत ज्यादा मुश्किल होता है ,और जबकि उबालने के बाद वह सॉफ्ट नरम हो जाता है।

जिससे कि इसे पचाने में बहुत आसानी होती है। दूसरा यह कि चने को बढ़ने के बाद उसकी पाचन शक्ति भी बढ़ती है। मतलब की उबले हुए चने में प्रोटीन लगभग 12% ज्यादा बेहतर तरीके से शरीर में अब्जॉर्ब होता है।

तीसरी बात यह है कि कच्चे चने में कांपलेक्स शुगर मौजूद होता है। जिसकी वजह से इसका थोड़ा भी ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से ,यह पेट में गैस पैदा करने लगता है। जबकि चने को उबालने के बाद उसमें मौजूद कॉन्प्लेक्स शुगर काफी हद तक ब्रेकडाउन हो जाता है। जिससे इसका थोड़ी ज्यादा मात्रा में भी इस्तेमाल करने से इसका शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है।

इन सभी बातों से एक बात समझ में आती है कि कच्चे चने में पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है। लेकिन पेट में जाने के बाद ,उबला हुआ चना ज्यादा बेहतर तरीके से हमारे शरीर में अब्जॉर्ब होता है। इसलिए चाहे वजन बढ़ाने या वजन घटाने की या किसी भी वजह से चने का इस्तेमाल करते हैं। तो आपको इसका उबालकर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

लेकिन फिर भी आप अगर भीगे हुए चने का इस्तेमाल करते हैं। तो आपको इसका उबालकर ही इस्तेमाल करना चाहिए। लेकिन अगर आप चने का बिना उबालकर इस्तेमाल करना चाहते है। तो इसका सिर्फ और सिर्फ सुबह खाली पेट एक से दो मुट्ठी ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन उबले हुए चने को जरूरत के हिसाब से दिन भर में कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है।  अगर चने को किसी सब्जी के साथ पकाकर इस्तेमाल करते हैं। तो यह और भी अच्छी बात हो जाती है। क्योंकि सब्जी और चना आपस में मिलने के बाद पूरे 9 एसेंशियल अमीनो एसिड की पूर्ति हो जाती है। जिससे कि चना एक कंप्लीट और हाई क्वालिटी के भोजन में बदल जाता है।

अंकुरित चने को कब और कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए

जैसा कि हमने पहले ही जाना कि चने को अंकुरित करने के बाद उसमें मौजूद पोषक तत्व की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।  इसलिए इसे खाने का सही तरीका भी पता होना बहुत जरूरी होता है। अंकुरित चने का सही फायदा शरीर को मिलने के लिए हमेशा ही इसे सुबह खाली पेट इस्तेमाल करना चाहिए।

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क्योंकि इस समय हमारा शरीर किसी भी खाने से ज्यादा बेहतर तरीके से पोषक तत्व अब्जॉर्ब कर पाता है। दूसरी बात यह है कि अंकुरित चने का शुरुआत में एक से दो मुट्ठी से ज्यादा इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसका ज्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने से या पेट में गैस पैदा करने लगता है।

तीसरी बात यह है कि चनो को अंकुरित होने के लिए इसे पानी में एक से दो दिन रखने की वजह से ,इसमें कुछ बैक्टीरिया भी पैदा होने लगते हैं। इसलिए जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। जैसे कि बच्चे बूढ़े और गर्भवती महिलाओं को इसे कच्चा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

अगर इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इसे कम से कम एक से दो मिनट तक गर्म पानी में भिगोकर रखना चाहिए। फिर इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से इसमें मौजूद पोषक तत्व की मात्रा में थोड़ी कमी तो आती है। लेकिन गर्म पानी में रखने से इसमें मौजूद बैक्टीरिया काफी हद तक खत्म हो जाते हैं।

जिससे कि यह खाने में बहुत ही ज्यादा सुरक्षित हो जाता है। लेकिन हालांकि जो लोग जवान है और इम्यूनिटी पावर जिन लोगों की मजबूत है। ऐसे लोग अंकुरित चने को कच्चा भी इस्तेमाल कर सकते हैं।साथ ही इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमें नींबू ,टमाटर और हरी मिर्च जैसी चीजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

चने से जुड़े कुछ सवाल जवाब 

  • 1.चने को खाने का सबसे सही समय क्या है?
  • सुबह खाली पेट
  • 2. चने को किस तरह खाना चाहिए ?
  • अंकुरित कर के
  • 3. कौन से चने में पोषक तत्व की मात्रा सबसे अधिक होती है ?
  • अंकुरति चने में
  • 4. कौन सा चना पचने में आसान होता है ?
  • अंकुरित चना और उबला हुआ चना
  • 5. कौन से चने को ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए ?
  • भीगे हुए चने को पचाने में मुश्किल होती है।
  • 6. चने खाने की क्या फायदे होते है ?
  •  शरीर में मसल्स की मात्रा को बढ़ाता है।लेकिन साथ-साथ बढ़ी हुई चर्बी को कम करने में में काफी मदद करता है।  साथ ही आंखों की अच्छी सेहत ,हड्डियों की मजबूती दिमागी ताकत, चेहरे के दाग धब्बे , बालों को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ पाचन क्रिया को बेहतर बनाना है।शारीरिक कमजोरी को दूर करने में भी काफी मदद करता है।
  • 7. किन किन लोगो को चने का सेवन नहीं करना चाहिए ?
  • जिन बच्चे, बूढ़े और गर्भवती महिलाओ और जिन लोगो का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।

निष्कर्ष – इस पोस्ट में आपने अंकुरित चने के बारे में जाना है जैसे पानी में भीगा हुआ चना ,उबला हुआ चना और अंकुरित चने में से कौन सा चना सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है। चने का कब और किस तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए चने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते है। कच्चे उबले और अंकुरित किए हुए चने में ,कौन सा चना हमारे पेट में अच्छे तरीके से पचता है। कौन सा चना हमें नुकसान पहुंचा सकता है। चने को पकाने के बाद उस पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है या घटती है। उम्मीद करता हूं आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी। अगली पोस्ट आपको किस टॉपिक पर चाहिए। हमे कमेंट करके जरूर बताइये।

 

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